वक्त की चाल
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वक्त की चाल
कविता
रिश्तों का दर्द समझना आसान नहीं, हर खुशी में छुपा एक अरमान नहीं। वक़्त की चाल के साथ सब बदलते गए, किसी के पास अपनेपन का एहसान नहीं।
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