ग़म के दिए
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ग़म के दिए
कविता
"वो जो गए हैं, यादों में अब भी बसे हैं, हर आँसू में उनकी यादें ही बसी हैं। ग़म के दिए जब भी जलते हैं रातों में, उनके बिना ये ज़िन्दगी अधूरी ही रही है।"
लेखक : Mini
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