गम के दिये
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गम के दिये
कविता
कभी जब छिपे चेहरे सामने आ जाए, तब गम के बादल मन मे छा जाए, रह जाए खुशी का हर दीया अधूरा, त्यौहार भी खुशियाँ ना ला पाए
: Megha kumari nashiyar
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