मुलाक़ात ख़ुद से

client-img

मुलाक़ात ख़ुद से


"आईने में दिखती है एक नई कहानी, ख़ुद से ख़ुद की हर रोज़ है निगहबानी। भीतर के सन्नाटों में जो आवाज़ मिले, उसी में छिपी है खुशियों की निशानी।"
: Mini

20

Views

5

Ratings

7 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप