जीत की आग

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जीत की आग


यह आग कैसी मेरे सीने मे दहकती है। कामयाबी की प्यास दिल मे भड़कती है। मेरा संघर्ष बड़ा है, क्युकी मेरे सपने बड़े है। मुझे पीछे खिचने वाले हरदम मेरे पीछे पड़े है। मुझे ना दोस्त, ना रिश्तेदार, ना परिवार का साथ है। अकेला ही काफी हूँ मै , यही सबसे बड़ी बात है। मुझे चुनौतीयाँ पसंद है, पार करने मे मजा आयेगा। मार कर नही, काबिल बनकर दुसरो को झुकाने मे मजा आयेगा। नाम भले ही छोटा है, पर मेरा हौसला बहुत बड़ा है। कहानी खत्म नही हुई है, सामने तेरा भाई खड़ा है। साथ क्या लाया था, साथ क्या लेकर जाऊंगा। पहचान बड़ी, और साम्राज्य खड़ा करके जाऊंगा।
: Jayant

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