खुशी का पल
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खुशी का पल
कविता
नोट भले कम थे, पर जज्बात भारी, उस दिन खुशियों की हुई थी सवारी। पहली सैलरी का वो प्यारा सा एहसास, जैसे जिंदगी में आया हो नया उजास।
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