भूली बिसरी यादें
Added Successfully to library!
भूली बिसरी यादें
कविता
वक्त की रेत पर जो निशान हमने छोड़े थे, अब वो धुंधले से पर दिल में जिंदा से हैं। हर बीती मुलाकात आज भी लहराती है, वो भूली यादें अब भी हमें मुस्कुराती हैं।
: Mini
Add To Library
3
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप