वो हवेली नहीं, एक अधूरी कहानी थी। जहां सौ साल पुरानी आत्मा अपने सच को दुनिया के सामने लाने के लिए भटक रही थी। रवि ने जब अंजलि की डायरी खोली, उसकी सिसकियों ने हवेली के सन्नाटे को तोड़ दिया। आत्मा को मुक्ति चाहिए थी, और रवि उसकी आखिरी उम्मीद था। जब उसने सच्चाई को दुनिया के सामने रखा, हवेली का सारा खौफ एक पल में गायब हो गया—मानो वक्त ने आखिरकार उस आत्मा को आज़ाद कर दिया हो।........