एक तलाश

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एक तलाश


सुकून की तलाश में निकले थे हम, हर मोड़ पे मिला बस ग़म, फिर जाना, सुकून तो दिल में था छुपा, दुनिया में नहीं, खुद में था कहीं गुम। राहों पे भटके, मंज़िलों में खोए, चाहतों के जंगल में ख्वाब थे जो सोए, पर जब लौटे दिल के आंगन में कदम, तब मिला सुकून, हर दर्द से दूर हुआ सितम।
लेखक : Mini

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