खामोशी की जुबां
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खामोशी की जुबां
कविता
"खामोशी की जुबां में छिपे कई राज़ होते हैं, बिन बोले भी ये दिल के हालात होते हैं। जो समझ सके इसे, वो हर दर्द जान जाए, क्योंकि खामोशी में छुपे सवालात होते हैं।"
लेखक : Mini
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