कहते है,प्यार की तड़प को दिखाया नही जाता। दिल में लगी हुई आग को बुझाया भी नही जाता। ये प्यार है,अगर प्यार में तड़प ना हो ,तो वो प्यार कैसे कहलाएगा। ये कहानी है,रुद्र जैन और रूही का। रूही रुद्र की रुह बन गई है। रुद्र की हर सांस में बस चुकी है, रुद्र की दिल का तडपन है। लेकिन है ऐसा एक राज जिससे मजबूर हो कर ,रुद्र रूही के साथ हो कर भी साथ नहीं है। रूही से बेशुमार प्यार करते हुए भी रुद्र उसके लिए तड़प रहा है । क्या है रुद्र इसी मजबूरी के सामने अपने प्यार में तड़पता रहेगा ? क्या है राज ? जानने के लिए पढ़ते रहिए ,"Tadap Tere pyaar Ki "