तेरी याद कैसे भुलाऊँ
Added Successfully to library!
तेरी याद कैसे भुलाऊँ
कविता
तेरी याद कैसे भुलाऊँ, ये सोचकर तन्हा हूँ, हर गली, हर मोड़ पर, तेरा ही साया है छाया हूँ। तेरे बिना जिया मेरा, बंजर सी ज़िंदगी है, तेरे जाने के बाद, मैं खुद से ही बेगाना हूँ।
लेखक : Mini
Add To Library
12
Views
5
Ratings
2 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप