फूल और कांटे
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फूल और कांटे
कविता
फूलों की नर्मी में छुपा है प्यार का पैगाम, कांटों की चुभन में सिखाया सब्र का मुकाम। ज़िंदगी का सफर भी कुछ ऐसा ही है यार, जहां फूल खिलते हैं, वहीं कांटे भी तैयार।
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