"My mafiya boyfriend"
Longline-"एक शरीफ और मासूम ल़डका तभी बुरा या खूंखार बनता है जब उसे अपने ने ही सताया हो या वह प्यार में पड़ गया हो। राघव की मां के मरने के बाद राघव के पिता अनुराग अग्रवाल ने दुसरी शादी कर ली थी। राघव की सौतेली मां शीला उसे हमेशा भूखा रखती थी, किसी और का गुस्सा राघव पर उतरता ओर इसी तरह राघव जैसा लड़का एक माफिया boss बन गया। राघव की मुलाकात सुवधा से हुईं जो इतनी मासूम और प्यारी थी कि कोई भी उसे अपना दिल दे बेठे राघव को भी उससे प्यार हो गया। मगर सुवधा के पीछे कुछ माफिया लोग पड़े थे और राघव ने सुवधा को हमेशा प्रोटेक्ट करने की कसम खाली।
Genre- crime, love ,Revenge, Romance, Mafiya Story.
TG:18 to 60
Appeal:- इस show की story उन सभी listeners के लिए दिलचस्प होगी जिन्हें crime, love, Revenge, Romance, Mafiya Story पसंद आती है। इस show में ' सुवधा' को माफिया बॉस ' हाजी मस्तान ' और ' कुनाल' के दुश्मन मारना चाहते थे। जब भी हाजी मस्तान के आदमी सुवधा को मारने ही वाले होते पर राघव ऐन मौके पर सुवधा को बचा लेता है और राघव उस किलर को जान से मार देता था। ये खेल show के अंत तक चलता रहता है जो listeners को show के अंत तक जोड़े रखता है।
Synopsis:- show की कहानी ' राघव अग्रवाल ' और ' सुवधा रायजादा' के इर्द- गिर्द घूमती है। ' राघव ' को उसके सौतेली मां ने बहुत सताया था जिसके कारण वह घर छोड़कर चला जाता है। ' राघव ' लखनऊ से मुंबई पहुंचता है। ' राघव ' नहीं जानता था की मुंबई में उसकी जिन्दगी को एक अलग ही मोड़ मिलेगा। मुंबई में राघव ने पहला मर्डर किया। ' राघव' सड़कों पर सोता था उन्हीं सड़कों पर उसे कुछ लोकल गुंडों ने मारा था और आज जगह भी वही थी मगर मारा ' राघव' ने था। ' राघव' के इस कारनामे से पूरा मुंबई कांप गया। धीरे धीरे ' राघव' मुंबई में ' रघु' भाई के नाम से जाना जाने लगा और माफिया boss बन गया। ' रघु' नाम सुनकर ही बड़े- बड़े डॉन कांप जाते थे। कुछ सालों बाद ' रघु' अचानक माफिया की दुनियां से गायब हो गया। ' राघव' कहां गया किसी को नहीं पता था।
वहीं उत्तरप्रदेश के एक जाने माने बिजनेस मैन ' रजत चौधरी ' पर जान लेवा हमला होता है मगर एक शख्स आकर उसे बचा लेता है वह शक्स कोई और नहीं बल्कि ' राघव' होता है। ' राघव' रजत चौधरी की जान बचाने क्यों आया था ये कोई नही जानता था। ' रजत चौधरी ' ने राघव को अपने साथ काम पर रख लिया, ' रजत चौधरी ' जहां भी जाता ' राघव ' उसका बॉडीगॉर्ड बनकर उसके साथ जाता। एक दिन 'रजत चौधरी ' के पास ' कुनाल अग्रवाल ' नाम का बिजनेस मैन आया जिसे माफिया boss भी कहा जाता था।' वहीं ' कुनाल' ने राघव को पहली बार देखा ' राघव' काबिलियत देखकर ' कुनाल' ने ' रजत चौधरी ' से ' राघव ' की मांग की। ' कुनाल ' ' रजत चौधरी ' का दोस्त के साथ बिजनेस पार्टनर भी था। ' रजत ' ने ' राघव ' को ' कुनाल ' के साथ जाने को कहा। ' राघव ' चौधरी मेंशन छोड़कर अग्रवाल मेंशन आ गया। पर उसे नही पता था की अग्रवाल मेंशन में उसकी जिन्दगी बदलने वाली थी। अग्रवाल मेंशन क्या होने वाला था ' राघव ' के साथ?
Concept and story arc:-
जब ' राघव' ' कुनाल ' के साथ अग्रवाल मेंशन में पंहुचा तो उसने देखा की एक खुबसूरत ल़डकी गुलाबी रंग की साड़ी पहने खड़ी हुई थी। वह ' सुवधा' थी ' कुनाल' की बेटी। ' सुवधा ' और ' कुनाल ' दोनों के बीच बाप बेटी का रिश्ता तो था पर उसमें वो प्यार और सादगी नहीं थी। ' सुवधा' अपनी मां का जिम्मेदार ' कुनाल ' को मानती थी कयोंकि कुनाल के ही एक दुश्मन ने 'सुवधा ' की मां को मारा था और ' कुनाल ' को धमकी दी थी कि अगली बार उसकी बेटी मारेगी। तब से ' कुनाल ' और सुवधा दोनों एक दूसरे से बात नहीं करते। पर ' कुनाल ' सुवधा से बहुत प्यार करता था इसलिए उसने उसकी सिकियोरिटी बढ़ा देता है और आज ' कुनाल ' ' राघव ' को उसका बॉडीगॉर्ड बनाकर लाया था। ' राघव ' ' सुवधा ' के साथ पूरा दिन रहता है ' राघव ' एक - एक चीज को नोटिस करता है। तभी ' राघव ' एक आदमी को देखता है जो। ' सुवधा ' को घूर रहा था।
जब उसकी नजर ' राघव ' पर गई तो वह चुप चाप वहां से भाग जाता है। कुछ दिनों तक ' राघव ' और ' सुवधा ' के बीच कोई बात नहीं होती और धीरे धीरे दोनों के बीच की दूरियां मिटती जाती हैं और ' सुवधा ' ' राघव ' से प्यार कर बैठती है। ' राघव ' भी उससे प्यार करने लग जाता है। जब राघव को पता चलता है की ' सुवधा ' पर कितना बड़ा खतरा है तो ' राघव ' अपने प्यार को बचाने के लिए कसम खाता है की वो ' सुवधा ' को हमेशा प्रोटेक्ट करेगा। एक दिन ' हाजी मस्तान ' सुवधा के कॉलेज में अपने आदमियों को भेजता है। कयोंकि एक बार ' कुनाल' ने गुस्से में आकर हाजी के बेटे को जान से मार दिया था और ' हाजी मस्तान ' ने कसम खा ली की वह ' कुनाल ' और उसकी बेटी को मार डालेगा।
' कुनाल ' ने ' हाजी मस्तान ' से पंगा ले लिया था और सब ये जानते थे कि ' कुनाल ' के बाद ' सुवधा ' उसके बिजनेस को संभालेगी और उन लोगों को ये बात रास नहीं आई और उन्होंने माफिया के साथ मिलकर ' सुवधा ' पर हमला कर दिया। मगर ' राघव ' ने ' सुवधा ' को बचा लिया था। अब ' हाजी मस्तान ' के लिए ' राघव ' भी एक रास्ते का कांटा बन गया था। ' हाजी ' ने ' सुवधा ' के साथ ' राघव को भी मारने के लिए अपने सारे आदमी काम पर लगा दिए। वहीं दुसरी तरफ ' राघव ' भी अपनी फौज को लेकर ' हाजी मस्तान ' को मारने के लिए निकल पड़ा।
कौन होगा अपने मकसद में कामयाब? क्या हाजी मस्तान सुवधा और राघव को मार देगा या राघव हाजी को मार देगा?
Character brief:-
राघव (रघु)- male lead - Calm and composed/inteligent/loyal and protective/ emotional/angry with situation/ Daring.
राघव अपनो का ही सताया हुआ था। राघव ने इससे तंग आकर घर छोड़ दिया और माफिया बॉस बन गया। राघव को सुवधा से प्यार हो गया और उसने उसे बचाने की कसम खा ली।
सुवधा - female lead - cute/ emotional/ loyal.
सुवधा जिसके पीछे पड़े हैं माफिया के लोग और माफिया बॉस हाजी मस्तान। राघव का प्यार जिसे बचाने के लिए राघव ने खाई थी कसम।
हाजी मस्तान - male lead as a villan- angry/ Daring/ क्रूर/ पत्थर दिल/ mafiya Boss.
हाजी मस्तान माफिया बॉस जिसके बेटे का खून कुनाल ने किया है और अब वह कुनाल की बेटी सुवधा के पीछे पड़ा है। हाजी मस्तान सुवधा को मारकर अपना बदला लेना चाहता है पर राघव उसके काम में दखल देता रहता है।
कुनाल - बिजनेस मैन / mafiya Boss.
कुनाल सुवधा के पिता है जिन्होंने हाजी के बेटे को मारा है।
मंगरू - राघव का चापलूसी चमचा।
वसीम खान - राघव का भरोसेमंद आदमी जो राघव के लिए कुछ भी कर सकता है।
अनुराग अग्रवाल - राघव के पिता जो अपने फर्ज के प्रति लापरवाह है।
शीला - राघव की सौतेली मां जो राघव को हमेशा मारती थी और उसे नौकर बनाकर रखती थी।
इंस्पेक्टर कबीर दास - राघव का दोस्त जो एक गलत फेमी की वजह से उसका दुश्मन बन गया है।
वर्षा - इंस्पेक्टर कबीर की बहन।
Episodic plot movement:- 1 to 3
Episode 1- अतीत से जुड़ा सपना
राघव चीख के साथ नींद से बाहर आता है कयोंकि उसने एक डरावना सपना देखा होता है जो उसके अतीत को हमेशा उसके सामने लाकर छोड़ देता है। राघव और मंगरू रजत चौधरी का गोदाम खाली करवाने पहुंचते हैं जहां बिल्लू नाम के आदमी से राघव का झगड़ा हो जाता है और राघव उसे मार देता है। मगर बिल्लू और रजत चौधरी में एक गहरा नाता होता है जो episode 5 में रिवील होगा।
Episode 2- रजत चौधरी का दोस्त
रजत चौधरी राघव को बताता है कि उसका दोस्त मुम्बई से उत्तरप्रदेश आ रहा है। लेकिन उसे शक है की उस पर हमला होने वाला है और राघव को उसे बिना एक भी खरोंच के सुरक्षित लाना है।
Episode 3- सुवधा से मुलाकात
कुनाल रजत से राघव की मांग करता है दोस्ती की वजह से रजत हां कर देता है। राघव कुनाल के साथ मुम्बई चला जाता हैं जहां उसकी मुलाकात सुवधा से होती है और उसको पहली नज़र में ही उससे प्यार हो जाता है। मगर सुवधा उससे दूर भागने की कोशिश करती है।