यह कहानी एक ऐसी लड़की की है जो अपने ही घर(हवेली)में बंद रहती है उसके लिए उसके घर में सब कुछ मौजूद है मगर उसकी आज़ादी नहीं उसके लिए वह हवेली किसी सोने की पिंजरे की तरह थी.. और वो एक पंछी की तरह उसमें केद थी.. वहीं दूसरी तरफ हैं अनिरुद्ध जो कि एक खुशमिजाज शक्ल से मासूम और अपने पिताजी का नालायक बेटा था.. इनके पिताजी इनसे बहुत परेशान थी मगर मां के लाडले थे इसलिए इन्होंने इलाहाबाद में कईओ को उन्होंने अपने बातों में लपेटा था। आखिर कैसे इनकी मुलाकात होती है काशवी से?? क्या काशवी कभी उस सोने के पिंजरे से आजाद हो पाती है..?? क्या अनिरुद्ध अपने पिताजी का लायक बेटा बन पाएगा??"Love Beyond Boundaries