कभी सोचा ना था यु तुम मे इस कदर खो जायेंगे।
खुद से ज्यादा तुम पर लूट जायेंगे.......! "
"पहली मोहब्बत बन गए हो तुम ।
मेरी कलम नही जिंदगी बन गए हो तुम.....!! "
जब से तुम्हे जाना है खुद को एक नये रूप मे पाया है
हर पल हर दिन, खुद से मिलती हूँ,
मन की कलम से हर पल नया लिखती हूँ ।
जो मन मे आये उसे मोती की तरह पिरोती हूँ
लोगो का दिल अपनी कल्पना मे आये शब्दो से जीत लेती हूँ
कभी सोचा ना था यू तुम मे इस कदर खो जायेंगे।
खुद से ज्यादा तुम पर लूट जायेंगे।