ये कहानी दोस्ती ,संघर्ष और समाज के एक अनदेखे हिस्से को उजागर करती है ,,.! दो जिंदगियां जो एक साथ पली बढ़ी ,,जिनके सपने थे एक ? जिन्होंने हमेशा साथ निभाने का किया था वादा मगर जिंदगी के इम्तिहान ने दोनो के रास्ते अलग कर दिए ,,!जहां एक अपनी जिंदगी में कमियाबी इज्जत और रुतबे को पाकर भी बेचैन है, तो वहीं दूसरी अपना सब कुछ खोकर भी अपनी जिंदगी में उम्मीद की लौ को बुझने नहीं देती ! क्या होगा जब इन दोनो सहेलियों का होगा आमना सामना ? आखिर कैसे हुए दोनो के रास्ते अलग ? जानने के लिए बने रहिए मेरे साथ और पढ़ते रहिए ""कोठेवाली ""सिर्फ लफ्जो की कहानी पर