एक छोटे से गांव, कालापत्थर, में हरियाली और शांति का वातावरण था। वहां के लोग अपनी छोटी-छोटी खुशियों में जीते थे। पर एक दिन, गांव में एक भयावह खबर फैल गई—एक नरभेड़िया (Werewolf) की कहानियां सुनाई देने लगीं, जो रात के समय गांव के लोगों को निशाना बना रहा था।
रात होते ही गांव में एक अजीब-सी चीख सुनाई देती, और सुबह होते ही कोई न कोई गायब हो जाता। लोग डर के मारे रात को अपने घरों से बाहर नहीं निकलते थे। गांव के बड़े-बुजुर्गों का मानना था कि यह नरभेड़िया एक शापित आत्मा है, जो गांव के लोगों को सजा देने आया है।