ये कहानी है डाॅ. सुमन सिंह शेखावत की जिसने इंद्र सिंह शेखावत से love marriage की थी। यहां कि परंपरा से अनजान सुमन ने शादी तो कर ली पर जब उसकी पहली संतान को मारने का हुक्म दिया गया तो वो पूरी तरह सन्न रह गयी और उसने फैसला किया कि ये इस गांव में ये बच्चे की आखिरी मौत होगी?वो इस परंपरा को बदल के रहेगी?क्या सुमन कर पायेगी अपने मकसद को पूरा ?