नर के रूप में भेड़िया

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नर के रूप में भेड़िया


नर भेड़िये का आतंक एक छोटे से गाँव में एक भयानक नर भेड़िया रहता था। वह इतना खतरनाक था कि गाँव के लोग उसके नाम से ही कांपते थे। वह रात में निकलता था और अपने शिकार की तलाश में घूमता था। गाँव के लोगों ने उसे कई बार देखा था, लेकिन कोई भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं करता था। वह इतना भयानक था कि कोई भी उसके सामने नहीं आना चाहता था। एक रात, गाँव का एक युवक निकला था। वह जंगल से गुजर रहा था जब उसने नर भेड़िये को देखा। वह इतना डर गया कि वह भाग नहीं सका। नर भेड़िया उसके पास आया और उसे मारने की तैयारी करने लगा। तभी एक अज्ञात व्यक्ति आया और नर भेड़िये को मार डाला। वह युवक को बचा लिया और गाँव में ले आया। गाँव के लोग उस अज्ञात व्यक्ति को धन्यवाद देने लगे। लेकिन उस व्यक्ति ने कहा कि वह कोई नायक नहीं है, वह सिर्फ अपना काम कर रहा था। वह गाँव में रहने लगा और गाँव के लोगों की मदद करने लगा। समय बीतता गया और गाँव के लोग उस व्यक्ति को अपना मित्र बना लिया। लेकिन वह व्यक्ति अभी भी अपने बारे में कुछ नहीं बताता था। वह सिर्फ इतना कहता था कि वह एक यात्री है और वह गाँव में कुछ दिनों के लिए रुका है। एक दिन, गाँव के लोगों ने उसे एक पुराने मंदिर में जाते देखा। वह मंदिर बहुत पुराना था और गाँव के लोग वहाँ नहीं जाते थे। वह व्यक्ति मंदिर में गया और वहाँ कुछ देर तक रहा। जब वह वापस आया, तो गाँव के लोगों ने उसे देखा कि उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। वह व्यक्ति अब पहले से ज्यादा शक्तिशाली लग रहा था। तभी गाँव के लोगों ने उसे नर भेड़िये का रूप देखा। वह व्यक्ति असल में एक नर भेड़िया था जो अपने आप को इंसान के रूप में बदल लेता था। गाँव के लोग डर गए और वह व्यक्ति भाग गया। लेकिन वह वापस आया और गाँव के लोगों को बताया कि वह असल में एक नर भेड़िया है जो अपने आप को इंसान के रूप में बदल लेता है। वह उन्हें बताया कि वह एक शाप के कारण ऐसा हो गया है और वह अपने आप को सिर्फ रात में ही बदल सकता है। वह गाँव के लोगों से माफी मांगी और उन्हें बताया कि वह उनका मित्र है और वह उनकी मदद करेगा। गाँव के लोगों ने उसे माफ कर दिया और वह गाँव में रहने लगा। वह गाँव के लोगों की मदद करता था और वह उनका मित्र बन गया। समय बीतता गया और गाँव के लोग उसे भूल गए। लेकिन वह व्यक्ति अभी भी गाँव में रहता था और वह गाँव के लोगों की मदद करता था। वह एक सच्चा मित्र था और वह गाँव के लोगों के लिए हमेशा मदद् के लिएतैयार रहता था। आज के समय मे किसी का कोई भरोसा नहीकब बो इंसान से हैवान बन जाए। हमेशा साबधानी से हर किसी की बात समझो , और उसी हिसाब से काम करो। सुनीता गुप्ता कानपुर

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