चाँद की चाँदनी से नाराजगी
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चाँद की चाँदनी से नाराजगी
कविता
बस यहीं एक बात चाँद को जला गयी चाँदनी उसकी, किसी और का आँचल क्यों सजा रही। ❣️❣️
लेखक : Dikshu
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