तारो की बात !
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तारो की बात !
कविता
ना जाने क्या लिखा दिया आज मैने , तारो की बात को प्यार लिख दिया , कुछ गलतियां हो तो माफ करना , कभी कभी हो जाती है खाता | पढ़कर बताना कैसा लिखा है..!!?
: Anchal Gupta
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