नए दिन की नई शुरुआत
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नए दिन की नई शुरुआत
कविता
जब सुबह की पहली किरणें अंधेरे को चीरती हैं, सूरज की रौशनी से धरती को नया जीवन मिल जाता है। रात की ठिठुरन को धूप की गर्मी में सुलगाते हुए, नई सुबह की आवाज़, उम्मीदों की नई धुन बन जाती है।
: Samridhi
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