" हेलो फ्रेंड्स तो आप लोग मेरी इस नॉवेल को प्लीज सपोर्ट करना और लाइक कमेंट करने में बिल्कुल कंजूसी मत करना मैं आप लोगों को रोज के रेगुलर चैप्टर दूंगी।
शुरुआत करते हैं मेरी कहानी.....
एशिया.....
" बहुत ही खूबसूरत सिटी है यहां पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग है, और अभी रात का समय हो रहा था और रात के समय एशिया और भी खूबसूरत लग रहा था क्योंकि वहां पर खूबसूरत लाइट जल रही थी और चांद की रोशनी भी पर मौसम आज थोड़ा खराब था बाहर आंधियां चल रही थी ऐसा लग रहा था जैसे बारिश होने वाली है।
वही एक बड़े से मिला में चौकी काफी बड़ा था वहां पर पूरा अंधेरा था उसे विला के दरवाजे खुले हुए थे खिड़कियां में जिस वजह से हवा पूरी अंदर आ रही थी वहां के दरवाजे खिड़की हवा की वजह से हिल रहे थे।
" उसे विला में शायद कोई नहीं था हाल में क्योंकि कोई नजर ही नहीं आ रहा था हर तरफ अंधेरा था वही हाल के बीचो-बीच सीढ़ियां थी जो कि दोनों तरफ से जाती थी।
" वही एक बड़े से अंधेरे कमरे में बहुत अंधेरा था उस कमरे की पूरी लाइट बंद थी उस कमरे में बस एक खिड़की खुली हुई थी अभी रात का समय था और उस खिड़की से चांद की रोशनी हल्की-हल्की रूम में आ रही थी।
" पर वह चांद की रोशनी पूरे रूम में आ रही थी हल्की-हल्की जिस कमरे का थोड़ा बहुत हाल पता चल रहा था कुछ - कुछ हल्का-फुल्का दिख रहा था।
" उस कमरे में शायद कोई था वह कोई शख्स था जो बैठा हुआ था उसे शख्स ने अपने चेहरे पर हाथ रखा हुआ था जिस वजह से उसका चेहरा बिल्कुल भी नहीं दिख रहा था।
" वह शख्स सोफे पर बैठा हुआ था और अपने पैरों को सामने वाली टेबल पर रखा हुआ था, उसके एक हाथ में वाइन की गिलास थी जिसमें वाइन था।
वही वह शख्स अपने हाथों में वाइन की गिलास को गोल-गोल घूम रहा था और अपने चेहरे पर अपने हाथ रखे हुए थे और अपनी उंगलियों को अपने माथे पर चल रहा।
उसे कमरे में बहुत ज्यादा शांति थी बहुत ज्यादा इतनी ज्यादा शांति थी की खिड़कियों से आई हुई हवाओं की आवाज भी आ रही थी, वही आप खिड़कियां भी हल्की-हल्की हवाओं की वजह से हिलने लगी थी जिसकी आवाज पूरे कमरे में आ रही थी।
वह शख्स सोफे से उठा और फिर बालकनी में आ गया मौसम अब खराब होने लगा था अब बहुत बुरी तरीके से हवाई चलने लगी थी बिजलिया कड़कने लगी थी पूरा आसमान काला हो चुका था।
मौसम बहुत भयानक हो रहा था। वही उसे शख्स ने आसमान की तरफ देखा और फिर एक अजीब सी स्माइल दे दी।
और एक दर्द भरी आवाज में बोला:- एक ऐसे ही काली रात में मुझे मेरा सब कुछ छीन लिया मेरी दुनिया मेरी मुस्कुराने की वजह उसके बाद वह दोबारा से अपना सर ऊपर करके उस काले आसमान को देखने लगा जिस पर अभी बुरी तरीके से बिजलिया भी कड़क रही थीं।
उस शख्स ने अपने हाथों में रखे हुए वाइन के गिलास को अपने हाथों से फोड़ दिया अब उसे शख्स के हाथों से खून निकल रहा था।
उस शख्स का चेहरा अब भी नहीं दिख रहा था उस शख्स की बस पीठ दिख रही थी। फिर वह शख्स एक भयानक हंसी हंसते हुए बोला:- सब छीन लिया तुमने मेरा मेरी जीने की वजह मुझे एक ऐसा इंसान बना दिया जिसे दूसरों को दर्द में देखकर सुकून मिलता है पर अब मुझे ऐसा ही बना रहना पसंद है सच में दूसरों को दर्द में देखकर बहुत सुकून मिलता है।
"और वह बहुत ही भयानक तरीके से जोर-जोर से हंसने लगा उसकी आवाज पूरे उसे बालकनी में घुस गई ऊपर से इतना भयानक मौसम और उसकी इतनी भयानक हंसी कोई भी डर जाता।
उसके बाद वह शख्स ऐसे हि बालकनी से अंदर में आया और उस अंधेरे रूम से बाहर निकाल गया और दूसरे रूम में गया उस कमरे में भी बहुत ज्यादा अंधेरा था, उसे कमरे में ही नहीं पूरे घर में अंधेरा था वह उसे कमरे में आए और उसे कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।
और फिर एक हल्की सी येलो लाइट को ऑन किया वह कमरा बहुत खूबसूरत था वहां पर एक लड़की की फोटो लगी हुई थी जो काफी प्यारी लग रही थी हर जगह उसे लड़की की तस्वीर थी।
वह शख्स उसे तस्वीर के पास आया कुछ तस्वीर की लड़की बहुत खूबसूरत थी गोरा रंग, कजरारी आंखें, हल्के सुनहरे रंग के बाल, छोटा सा चेहरा वह लड़की बहुत खूबसूरत थी , वही वो शख्स तस्वीर के पास आया और उसे बहुत ही अजीब तरीके से छुए और बोला:- क्यों चली गई तुम मुझे छोड़कर बहुत याद आ रही है मुझे तुम्हारी।
फिर उस शख्स ने उसे तस्वीर को दीवार से उतरा और अपने हाथों में ले लिया और उसे लड़की की मुस्कुराती हुई तस्वीर को देखते हुए बोला:- तुम मुस्कुराओ मत, बहुत अच्छा लग रहा है तुम्हें मुझे दर्द में देखकर सुकून मिल रहा है ना तुम भी धोखेबाज हो इतना बोल उसे शख्स ने उसे लड़की की तस्वीर को जमीन पर फेंक दिया जिस वजह से उसे तस्वीर के पूरे कांच इधर-उधर फैल गए।
वह शख्स गुस्से में चिल्लाया तुम भी धोखेबाज हो तुम झूठी हो झूठ बोला:- तुमने मुझसे झूठी हो तुम धोखेबाज हो मक्कार हो तुम भी ,अगर ऐसे छोड़ कर जाना था तो आई क्यों, वह आदमी पूरी तरीके से पागल हो गया था।
वह आदमी गुस्से में कांप रहा था। उसे आदमी के हाथ की नसें दिख रही थी जो की पूरी उभर के आ रही थी क्योंकि वह गुस्से में था
उसके बाद वह अपने घुटनों में बैठ गया और अपने बालों को जोर से पकड़ लिया और जोर से चिल्लाया क्यों गई तुम मुझे छोड़ कर क्यों क्यों गई तुम तो जानती थी ना मुश्किल से मैंने जीना सीखा है वह भी सिर्फ तुम्हारी वजह से वरना मेरे अंदर कोई उम्मीद नहीं थी जीने की तुमने वजह दी मुझे जीने की तुमने हंसना सिखाया मुझे दूसरों की परवाह करना सिखाया मुझे पर सब बुरे हैं और तुम भी चली गई वो पूरी तरीके से सनकी लग रहा था।
" उसकी आवाज में बहुत दर्द था पर वह बहुत भयानक लग रहा था। उसे शख्स ने अपने बालों को छोड़ा और अपने हाथों में मुठिया बना ली उसके हाथ में चोट लगी थी पर ऐसा लग रहा था जैसे उसे दर्द नहीं हो रहा उसने अपनी हाथों से मुट्ठी बना ली और उसी हाथ को जमीन पर बुरी तरीके से मरने लगा वह अपने उसी हाथ से मार रहा था जिस हाथ से थोड़ी देर पहले उसने कांच का गिलास तोड़ा था, उसे हाथ में पहले से ही चोट लगी थी और अब वह पागल सनकी आदमी दोबारा अपने उस हाथ से जमीन पर अपने हाथों से मार रहा था
उसका हाथ पूरा खून से लतपत हो गया वहीं वो जमीन भी मे खून लग चुका था, उसे शख्स ने अपनी आंखें अब तक बंद करके रखी थी फिर उसने अपने हाथों को रोक दिया उसी जमीन पर और अपनी आंखें खोली उसकी आंखें खून सी लाल हो गई थी ऐसा लग रहा था जैसे उसकी आंखों से अभी खून निकल आएगा।
उसके बाद वह उठा और उस लड़की की तस्वीर के पास आया जो उसने अभी गुस्से में जमीन पर पटक दिया था, फिर उसने उस फोटो फ्रेम को प्यार से देखा और फिर उसे बहुत ही प्यार से उठाया और अपने सीने से लगा दिया और बोला:- हम्म्म sorry जान तुम्हें लग गई होगी ना एम सॉरी पर तुम मुझे गुस्सा दिलाती हो मैंने कितनी बार बोला है मुस्कुराया मत करो जब मैं गुस्से में होता हूं मुझे गुस्सा आता है और फिर मैं तुम्हें बहुत हर्ट कर देता हूं।
उसके बाद उसने उसे फोटो फ्रेम को अपने सीने से अलग किया और उसे फोटो फ्रेम को अपने आंखों के सामने रखा और अपने खून से सने हुए हाथों से उसे छूने लगा उसके बाद उसने उस फोटो को चूम लिया और दोबारा अपने सीने से लगा दिया और उसी जमीन पर लेट गया और उसे तस्वीर को अपने सीने से लगाए हुए बोला:- बहुत प्यार करता हूं मैं तुमसे।
पर तुम भी चली गई क्यों गई - क्यों गई, उस शख्स ने अपनी आंखें बंद कर ली। सच में अगर कोई दूसरा इंसान होता और उस आदमी को देख लेता तो वह डर जाता, क्योंकि वह आदमी बहुत अजीब हरकतें कर रहा था कभी हंसना तो कभी गुस्सा करता तो कभी सनकी पागलपन जैसे बिहेव करता कभी खुद को ही चोट पहुंच जाता तो कभी उसे तस्वीर को प्यार करता वह बहुत अजीब लग रहा उसे देखकर ही पता चल रहा था कि वह साइको है
वही उस शख्स ने अपनी आंखें बंद कर ली थी फिर से उसने दोबारा अपनी आंखें खोली और दोबारा से उसे तस्वीर को अपनी आंखों के सामने रख दिया और उसे पूरी शिद्दत से घूरने लगा उसकी आंखों में उसे तस्वीर के लिए बहुत प्यारी दिख रहा था और आंखों में बहुत दर्द भी था पर उसके हरकतों को देखकर तो यही लग रहा था की वो पागल है साइको है।
To be continue......
तू कौन है यह शख्स और क्यों कर रहा है यह ऐसी हरकतें क्या यह सचमुच पागल है सनकी है आखिर कौन है वह तस्वीर की लड़की आखिर ऐसा क्या हुआ है उसे शख्स के साथ इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़ते रहे His Psycho lover.
प्लीज फ्रेंड्स मेरी न्यू नोवल है और यह आगे चलकर बहुत इंटरेस्टिंग होगी तो आप लोग भर भर के लाइक कमेंट कर देना प्लीज मुझे सपोर्ट की जरूरत है आप लोग प्लीज सपोर्ट कर दो
Aap log like comment share karna bhul jaate Ho 🙁🙁|
आप लोगों के सपोर्ट कि मुझे सख्त जरूरत है, आप लोगों के सपोर्ट के बिना मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी प्लीज आप लोग सपोर्ट करो मैं कोशिश करुंगी कि आपको इंटरेस्टिंग चैप्टर दे पाऊ वह भी रेगुलर।
आप लोग
कमेंट करके बताना कि मेरी स्टोरी कैसी लगी।
Ok byy....
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