सपनों का सफर
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सपनों का सफर
कविता
रात का अंधेरा हो, या सुबह का सवेरा हो, चाहे गिरते हुए, चाहे किसी ने संभाला हो, बस ऐसे ही सपनो का सफर चलता रहे.......
: Aman
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