कहते है दो अलग व्यवहार के लोग एक दूसरे के तरफ अट्रैक्ट होते है... अगर एक शांत होगा तो द्वारा शरारती... एक चुप दूसरा बातूनी, पर तब क्या हो जब दोनो एक जैसे हो ? क्या हो जब दोनो का दिमाग घूम जाए तो अपनी आपस की लड़ाई से दुनियां में भूकंप ला सकते हैं ? कुछ ऐसी ही कहानी है हमारी माही और सारांश की इन दोनो में बस एक ही फ़र्क है और वो है पढ़ाई का फ़र्क.. जहां पढ़ाई के मामले में माही काफी होशियार और जिम्मेदार है वहीं सारांश एक क्लास से दूसरे क्लास तक पहुंचने में किसी डैमेज गाड़ी की तरह धक्के की जरूरत पड़ती है !
सारांश को मस्ती खुराफाती से फुर्सत ही नहीं मिलती, वहीं माही पढ़ाई के वजह से बिजी रहती है, और सबसे जल्दी उलझती भी नही लेकिन गुस्सा आने पर छोड़ती भी नही और पहली ही मुलाकात में कुछ ऐसा हुआ की माही के सामने उसकी इमेज़ नल्लों जैसी हो गई ? तो क्या ऐसे में दोनों के बीच मोहब्बत होगी ? क्या इनकी लड़ाईयां जितनी शिद्दत से होती है उतनी शिद्दत से इनका इश्क़ होगा ? क्या बनेंगे ये एक दूसरे के हमनवा ? जानने के लिए पढ़ें हमनवा मेरे only on लफ्जों की कहानी पर मेरे यानी आरूषी ठाकुर के साथ !