मुंबई एरपोर्ट सुबह के 7 बजे एक 25 से 26 साल की एक लड़की एरपोर्ट पर नजर आती है वो जैसे ही एरपोर्ट पर आती हैं बहा पर मौजूद सभी लोगो की नजर उसपर जाकर ठेहर सी जाती हैं सभी उसे देख रहे होते है ,
वो लड़की बही रखे एक बेन्ज पर आँखें बंद कर बैठ जाती है और उसे कुछ धुंधली यादे नजर आती हैं फ्लेस बैक ( एक लड़का किसीको फोन करता है दूसरी तरफ से एक प्यारी सी आवाज आती हैं हलो नील वो इतना ही बोलती हैं तभी दूसरी तरफ से आवाज आती हैं कियारा मैने डिसाइड कर लिया है मे उससे शादी करने जा रहा हूँ और मे नही चाहता की इतने सालों बाद मुझे मेरा प्यार बापस मिल रहा है तो किसी की भी बजह से वो फिर से मुझसे दूर हो जाए तो आज के बाद मे तुम से दुबारा नही मिलूँगा )
और बिना सामने बाले की आवाज सुने फोन काट देता हैं
और एक दूसरी धुंधली सी यादे दिखाई देती हैं एक औरत जो किसी लड़की को बड़ी ही बेरहमी से मार रही होती हैं और उसे बेसे ही छोड़ कर कुछ आदमियों के साथ चली जाती हैं। ये याद कर उसकी आँखों में हल्की नमी आ जाती है वो खुद से ही कहती है उन्हे तो लगा होंगा की मे मर गई मगर अब उनकी बारी है जिसने मुझे तड़पाया अब वो खुद भी तड़पेनगा। अभी वो यही सोच रही होती हैं की तभी उसका ध्यान कीसी की प्यारी सी आवाज से टूटता है जो बोलती हैं ओह हो मम्मा आप फिर से कही खो गए ना मे कबसे आपको पुकार रही हूँ और आप हो की सुन ही नहीं रहे , घर नही चलना आपको
कौन है ये लड़की और किस मकसद से यह आई है जानने के लिए पढ़िये मेरी कहानी अजनवी बना हमसफर ।