चॉकलेट
Added Successfully to library!
चॉकलेट
कविता
कविता
चॉकलेट देख कर चॉकलेट खुद को रोक नहीं पाती हूं। चाहे हो नाराज कितनी ही खुद ही मान जाती हु।। एक छोटी सी चॉकलेट में जादू ऐसा समाया है। हर छोटे बड़े को चॉकलेट ने अपना बनाया है ।। अकेलापन सताए या खुसिया मिलकर मनाएं। चॉकलेट हर हाल मे सबका साथ निभाए ।।
: Anita
Add To Library
0
Views
NAN
Ratings
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप