ये कहानी नागरपारा गांव की है, जहां पर एक डायन ने केहराचा राखा था। वो हर महीने एक इंसान को मारकर खा जाती थी। लेकिन अचानक एक दिन उस डायन ने उन गांव वालो से एक सौदा किया। उसने उन्हे कहा की उन्हे हर साल उसे एक बचा भेट करना होगा, और इसके बदले वो उन्हे कुछ नही करेगी। लेकिन एक किसी कारण से वो डायन एक बच्चे को छोड़ देती है। लेकिन उसके बाद अचानक एक दिन वो डायन उस गांव के सरपंच को मार देती है। और साथ मे धमकी भी छोड़ जाती है की जल्द से जल्द उसे वो बच्चा नहीं मिला , जिसको उसने छोड़ा था, तो वो उस गांव के सभी इंसानों को बारी बारी करो जान से मार देगी।