आकांक्षा 24 साल की एक बेहद खूबसूरत लड़की। उसे सजना-संवरना बहुत पसंद था… लेकिन जितनी वो खूबसूरत थी, उतनी ही उसकी ज़िंदगी खतरों से भरी हुई थी। बाहर से मजबूत दिखने वाली आकांक्षा का दिल अंदर से बेहद कोमल था।
उसके अतीत में कुछ ऐसा हुआ था… जिसकी वजह से उसे अपनी मां से दूर, एक अनजान शहर में रहना पड़ रहा था—
अपनी असली पहचान और नाम बदलकर।
वहीं दूसरी तरफ—
दक्ष सिंघानिया।
दिखने में किसी फिल्मी हीरो से कम नहीं… और एशिया का नंबर वन बिज़नेस टाइकून।
लेकिन जितना बड़ा उसका नाम था, उतना ही उसका गुस्सा और रवैया भी खतरनाक था।
खरूस, ठंडा और बेहद पावरफुल—
और दुश्मनों की तो जैसे लाइन लगी हुई थी।
एक दिन—
हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि आकांक्षा… अनजाने में बन जाती है उसी दक्ष सिंघानिया की पर्सनल बॉडीगार्ड।
दक्ष… किसी को ढूंढ रहा है।
कोई ऐसा, जो उसके अतीत से जुड़ा है…
लेकिन—
कहानी तब एक खतरनाक मोड़ लेती है…
जब एक दिन—
दक्ष सिंघानिया अपने ही बॉडीगार्ड से जबरदस्ती शादी कर लेता है।
अब सवाल ये है—
🔸 आखिर आकांक्षा के अतीत में ऐसा क्या हुआ… जिसने उसे अपनी पहचान बदलने पर मजबूर कर दिया?
🔸 दक्ष सिंघानिया किसे ढूंढ रहा है?
🔸 और ऐसा क्या हुआ दोनों के बीच… कि बात शादी तक पहुंच गई?
क्या ये जबरदस्ती की शादी…
प्यार में बदलेगी?
या, नफरत की आग में जलती रहेगी ये रिश्ता?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरी नॉवेल… "Bodyguard Wife"