Tera mera pyar

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Tera mera pyar


रात का समय एक लड़का चंडीगढ़ की सड़कों पर अपनी कार दौड रहा था। वहीं उसके पीछे पुलिस की जीप भी उसका पीछा कर रही थी। वरुण फ्रंट मिरर से पीछे की तरफ देखते हुए मुस्कुरा कर बोलता है- ''आप लोग मुझे नहीं पकड़ सकते। मुझे पकड़ना नामुमकिन है। वरुण गुप्ता को कोई नहीं पकड़ सकता।'' यह बोलकर वह अपने कार रेलवे लाइन की तरफ मोड़ देता है, सामने से एक ट्रेन तेज से आ रही थी। वरुण उसे आई हुई ट्रेन को देख कर अपनी कर की स्पीड और बढ़ा देता है और फिर रेलवे ट्रैक को पार करके आगे निकल जाता है वहीं पुलिस की जीप ट्रेन को देखकर रुक जाती है।  एक पुलिस वाला जीप से बाहर आकर बोलता है- यह लड़का फिर से हमारे हाथ से निकल गया पर कोई बात नहीं। कभी ना कभी तो जरुर आएगा।'' कुछ देर बाद वरुण की कार एक बड़े से मेंशन के बाहर आकर रुकती है। वरुण कर से उतरकर अंदर जाने लगता है। तभी उसे किसी का कॉल आता है। वह कॉल उसके बेस्ट फ्रेंड रजत की होती है। वरुण कॉल उठाकर बोलता है-हां रजत बोल...? रजत- ''तू घर पहुंच गया ना?" वरूण - ''हां यार मै अच्छे से घर पहुंच गया हूं।" रजत - क्यों करता है यार तू ऐसा एक तो, तू रोज रात को खतरनाक रेस लगाता है। तुझे मालूम है कितना डेंजर है यह सब कितने लोगों की जान जा चुकी है, तू किसी की सुनता ही  कहा है। और तो और फिर पुलिस वालों को भी अपने पीछे भागता है। तू ऐसे काम करता ही क्यों?'' वरुण रजत की बात सुनकर मुस्कुराते हुए बोलता है- ''क्योंकि वरुण को चैलेंज चैलेंज लेना बहुत पसंद है और मैं कभी कोई चैलेंज नहीं हारता हूं, चल अब रखता हूं कल मिलते हैं कॉलेज में।'' यह बोलकर वरुण कॉल कट कर देता है। और फिर अंदर चला जाता है। अंदर सोफे पर वरुण की मां अनुपमा जी बैठी हुई थीं। वरुण अपनी मां को देखकर तुरंत अपने कपड़े ठीक करने लगता है। अनुपम जी की आंखें बंद थी। वरुण फिर अनुपम जी को एक नजर देखता है। और धीरे-धीरे ऊपर अपने कमरे की तरफ जाने लगता है तभी अनुपमा जी उससे बोलती है रुक जाओ और वरुण अनुपमा जी की आवाज सुनकर वही पर खड़ा हो जाता है और आंखें बंद कर लेता है।  अनुपमा जी वरुण के सामने आकर खड़ी हो जाती हैं। वरुण अपनी आंखें खोलकर उनकी तरफ देखता है।  अनुपम जी गुस्से से बोलती हैं -"वरुण यह कोई समय है घर आने का कहां थे तुम इतनी देर।'' वरुण चुप रहता है और कुछ नहीं बोलता। अनुपमा- ''बोलो वरुण मैं तुम्से कुछ पूछ रही हूं, जवाब दो मुझे?'' वरुण- ''मां मैं रजत के साथ था।'' अनुपमा जी- ''देखो वरुण झूठ मत बोलो मैने रजत को कॉल किया था, उसने कहा था कि तुम उसके साथ नहीं हो।'' वरुण अनुपम जी की बात सुनकर खुद से ही बोलता है- ''इस रजत को तो मैं कल कॉलेज में देख लूंगा।''  अनुपमा जी- ''क्या बोल रहे हो तुम?" वरुण अपनी मां का हाथ पकड़कर बोलता है- ''मां मेरी इतनी चिंता मत किया करो, मैं बस दोस्तों के साथ घूमने गया था। घर तो आ जाता हूं ना, आप क्यों मेरा इंतजार करती रहती हो।'' अनुपमा जी-ये क्या बात हुई, मैंने तुम्हें कितने कॉल किये पर तुमने एक बार भी मेरा कॉल नहीं उठाया। मैं तुम्हारी मां हूं चिंता तो होगी ना मुझे।''  वरुण- ''मां प्लीज अब मैं घर आ गया हूं ना, मुझे नींद आ रही है मुझे सोने जाना है।" अनुपमा जी गुस्से में बोलती हैं- ''पर अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई है वरुण।" वो अपनी बात पूरी कर पति उससे पहले वरुण उनकी बात को इग्नोर करके अपने कमरे में चला जाता है।  दूसरी तरफ..…. एक घर के कमरे में एक लड़की सो रही थी। वह लड़की आज सुबह ही मुंबई अपने मामी के घर आई थी। मुंबई के कॉलेज में उसका एडमिशन हो गया था। जिससे वह बहुत खुश थी। उसे लड़की का नाम निशा था तभी उसके बगल में सो रही थी उसकी बहन अमन जो की उसकी मामी की बेटी थी। जो की उसकी की उमर की थीं।  वह उससे बोलती है- निशा सो गई क्या तुम?" निशा - ''हां यार सोने दे कल सुबह कॉलेज जाना है। मैं पहले दिन ही लेट नहीं होना चाहती।" अमन- कॉलेज तो मुझे भी तेरे साथ जाना है। मेरा भी तो कल पहला दिन है। निशा- पता नहीं कल कॉलेज में क्या होगा, सब ठीक तो होगा न अमन?" अमन - चिंता मत कर मैं रहूंगी ना तेरे साथ कुछ नहीं होगा सब ठीक होगा।'' कुछ देर बात करने के बाद अमन और निशा सो जाती हैं। अगली सुबह... निशा और अमन का आज कॉलेज में पहला दिन...... निशा और अमन आज जल्दी उठ जाती है। जल्दी से फ्रेश होकर नहाकर त्यार हो जाती है। निशा और अमन तैयार होकर ब्रेकफास्ट करती है अमन की मां कविता जी उन दोनों को ब्रेकफास्ट देती है। ब्रेकफास्ट करने के बाद अमन और निशा कॉलेज के लिए निकल जाती है। दोनो कॉलेज पाउंचकर कॉलेज के गेट के अंदर जाती हैं। 
: Manisha devi

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