मुखौटा
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मुखौटा
कविता
मुखोटे पहने यहां हर इंसान होता है, मुखोटे पहनने के मकसद का सबको ज्ञान होता है, कुछ लोग किसी की खुशी के लिए मुखोटे पहनते है, और कुछ धोखे के लिए मुखोटे मे मुखोटे चेहरे मे पहनते है।
लेखक : Charu
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