ओस की बूंद。。。。。。。。
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ओस की बूंद。。。。。。。。
कविता
मुरझाए हुए फूलों में हसीं बन जब आती है ओस की पहली बूंद.... तो फूलों को मिल जाती है उनके बिखरे रंग बन कर मोती भरे पंख.....
लेखक : KM015
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