,कहानी है एक अधूरे इश्क की जिसमे हर किसी ने बेहद मोहब्ब्त की है, कोई है बेहद मोहब्ब्त का हकदार तब कोई है अधूरे इश्क के सर में सराबोर..
शुरू करते हैं...
एक बड़ा मैदान जहां घोड़ों के तापों की आवाज आ रही थी साइड में कुछ लोग खड़े थे जो चिल्ला रहे थे शायद ये उन लोगों का उत्साह बड़ाने के लिए था, जो घुड़सवारी कर रहे थे.
दो लोग घुड़सवारी करते हुए आ रहे थे, जिनमे से एक जवान लडका था और दूसरा एक लगभग 50साल का आदमी वो लड़का अपने घोड़े की पीठ सहलाते हुए आगे बड़ा और देखते ही देखते वो फिनिशिंग लाइन तक पहुंच गया..
एक बार फिर सब के तेज से चिल्लाने की आवाज आई एकांश एकांश..
वहीं एकांश ने अपने घोड़े को लगाम खींची और पलट गया उसने अपने सर को पीछे की तरफ किया तब उसके माथे पर आए बाल झटक कर पीछे हुए वो देखने में बहुत handsome था खास कर वो उसकी काली आँखें किसी का भी दिल मोह ले..
वो घोड़े से उतर कर आया एकांश ने दूसरे इन्सान की मदद की नीचे उतरने में उस इंसान में कहा, वह भई एकांश सिंघानियां मान गए आपको जैसे business में आपको कोई नही हरा सकता ऐसे ही घुड़सवारी में भी आप पहले इन्सान हैं जिसने इस नरेंद्र गुप्ता को हराया है?
एकांश ने उनके साथ अपने कदम बढ़ाते हुए कहा, it's my good luck की मुझे आपके साथ ये करने का मौका मिला.
नरेंद्र गुप्ता ने उस की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा, तब इस deal के साथ आपने हमारा दिल भी जीत लिया..
एकांश ने smile के साथ कहा, thanks alot mister gupta..
वो बात करते हुए आगे बड़ने लगे तभी एकांश का phone ring किया उसने pocket से निकाल कर देखा screen पर शो हो रहे नाम को देख कर उसके face पर expression change हो गए, उसने कहा, i have to go mister gupta उन्होंने हां में सिर हिलाया एकांश ने अपने car की तरफ आते हहुए call recieve कर कहा, क्या हुआ सब ठीक है?
उधर से एक लडक़ी की घबराई हुई आवाज आई, एकांश i need your help.
ये आवाज सुनकर एकांश ने घबराते hye कहा, are you fine, I'm coming.
एकांश सब छोड़ कर तेज speed में वहां से निकला|
कुछ देर में उसकी car एक छोटे से खूबसूरत घर के आगे आकर रुकी, वो जल्दी से निकला और भागते हुए अंदर जाने लगा|
वहां कुछ सर्वेंट्स थे जो एकांश की देख रहे थे वो अक्सर यहां आता था या कहें रोज ही यहां आता है..
एकांश ने room में आकर देखा सामने docter एक लड़की के पैर पर गर्म पट्टी कर रहे थे एकांश ने कहा, क्या हुआ इसे docter ये ठीक है न?
ये बोलते हुए एकांश की आवाज बहुत तेज थी docter ने एकांश को देखते हुए कहा, don't you worry mister singhaniyan she is fine..
उस लड़की ने एकांश का हाथ पकड़ते हुए कहा, एकांश रिलैक्स..
उसकी आवाज सुनते ही एकांश शांत होकर उसकी तरफ मुड़ गया, docter वहां से चले गए|
एकांश ने bed पर बैठ उस लड़की के चेहरे को apne हाथों में लेते हुए कहा, नंदू तुम ठीक हो न ये क्या हुआ?
नंदू ने कहा, मैं ठीक हुं एकांश बस सीढ़ीयों पर पैर मुड़ गया था घबरा कर तुम्हें phone कर दिया, sorry..
एकांश ने उसे देखते हुए कहा, तुम्हें sorry कहने की जरूरत नही है, अगर तुम phone नही करती तब न जाने मै क्या करता|
नंदनी ने एकांश को देखा जो उसकी चोट देख रहा था जब एकांश ने नंदनी की आंखों में देखा तब नंदनी ने नजरें फेर लीं कुछ ऐसा था जो वो नही देखना चाहती थी ..
फिर नंदनी ने मुस्कुराते हुए कहा, तुम जैसा दोस्त पाकर i feel very lucky..
एकांश ने उसके पास बैठते हुए कहा, हर बार highlight करने की जरूरत नही है..
नंदनी आगे कुछ कहती तभी एकांश के phone पर call आने लगी, नंदनी ने flash हो रहे नाम को देखा दादी .
एकांश ने call recieve किया उधर से किसी औरत की आवाज आई बेटा मां की की बहुत तबियत ख़राब हो गई थी docter को बुलाया है लेकिन वो दबाए नही ले रही हैं..
एकांश ने आगे की बात बिना सुने ही कहा, आ रहा हुं..
ये बोल उसने call disconnect कर phone pocket में डाला नंदनी के पास आकर उसका माथा चूमते हुए कहा, अपना खयाल रखना कुछ करना नहीं सर्वेंट्स हैं यहां .
एकांश को देखते हुए नंदनी ने कहा, जनाब आप कुछ करने दे तब न?
एकांश ने smile करते हुए कहा, ये भी ठीक है एकांश सिघानिया के होते हुए तुम्हें क्या करने की जरूरत है..
जाता हूं ..
नंदनी ने उसका हाथ पकड़ते हुए कहा, जाता नहीं हुं जाकर आता हूं..
एकांश ने हँसते हुए कहा, जैसा तुम कहो ये बोल वो वहां से निकल गया..
एकांश villa पहुंचा, बाहर एक गोल्डन नेम प्लेट लगी थी, सिंघानिया विला, car gate से होते हुए अंदर गई|
एकांश car से निकल कर hall में आया वहां कोई नहीं था एकांश lift की तरफ बड़ गया, वो दादी के room में पहुंचा तब सब वहीं मौजूद थे उसका पूरा परिवार..
एकांश की नज़र फर्श पर पड़ी दवाइयों पर गई उसने कोने में खड़े एक लड़के को देखते हुए कहा, ये सब क्या हो रहा है आयांश?
आयांश जो एकांश का भाई है उसने कहा, भाई दादी ने दो दिन से दबा नही ली है आज उनका bp high हो गया, docter को chest pain भी बताया docter नेmedicnens दो है लेकिन दादी ने लेने से इन्कार कर दिया..
एकांश दादी के पास आया उसने उनके पास बैठ उनके हाथों को अपने हाथों में लेते हुए कहा, दादी क्यों करती हैं ये आप?
दादी जो आंखे बंद किए लेटी थीं उन्होंने कहा जीते जी तुम्हें खुश देखना है तुम्हारी खुशियां देखना है एकांश, जो तुम्हें कभी नहीं मिली|
एकांश ने कहा, क्यों सोचती हैं ये सब।
दादी ने अपनी कमज़ोर आवाज में कहा, आप शादी कर लें..
एकांश ने उनका हाथ छोड़ दिया वो उनसे मुंह मोड़ कर खड़ा हो गया उसने हल्के गुस्से में कहा, क्यों एक ही बात की जिद लगा रखी है..
दादी ने भी तेज़ आवाज़ में कहा, क्योंकि आपका घर बसते देखना है हमें..
लेकिन अगले ही पल वो बुरी तरह से खांसने लगी एकांश ने पलट कर देखा तब दादी अपनें सीने पर हाथ रखे कराह रही थी..