कसूर
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कसूर
कविता
क्यूं लड़की होना ही गुनाह है… क्या इस दुनिया में मेरा कोई काम नहीं…! अगर बेटे आपकी संताने है तो… मैं किसी पेड़ से टपका कोई आम नहीं…!!
: Ashu
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