प्यार किसी से भी हो सकता है। लेकिन क्या हर प्यार को उसकी मंजिल मिलती है? एक तरफ है, आरव जो बचपन से अपनी दोस्त आन्या को पसंद करता आ रहा है। बीतते वक्त के साथ पसंद प्यार में बदल गई और प्यार हर बीतते लम्हे के बाद मोहब्बत में। लेकिन अब ये जानना था, क्या आरव को उस की मोहब्बत मिल पाएगी? क्या अन्या के दिल में भी है, आरव के लिए एहसास? क्या आरव और आन्या एक हो सकेंगे? जानने के लिए पढ़िए "रिश्ता तेरा मेरा।" मेरे यानी "तमन्ना" के साथ !!!