तुम बिन
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तुम बिन
कविता
मेघ बिन पानी का, सूरज बिन लाली का, चांद बिन चकोर के, रात बिन भोर के..... जैसे फीके है ! वैसी फीकी हूं मै तुम बिन....... 💔💔
: Shalini Chaudhary
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