परछाईं
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परछाईं
कविता
एक इंसान का अपनी परछाई से… कितना गहरा नाता होता है…! कोई साथ हो या ना हो उसे हमेशा… उसकी परछाई का साथ होता है…!! बस ऐसा ही कुछ रिश्ता मुझे… अपने मां पापा से निभाना है…! उनकी बेटी बनकर नहीं बल्कि… उनकी परछाई बन कर दिखाना है…!!
: Ashu
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