रिश्ते कई बार जिंदगी बनाते है, और इनके सहयोग से कई बार कामयाबी कदमों में झूमती है, ऐसा ही रिश्ता होता है पति पत्नी का दो जिस्म एक जान जैसा, और जब मोहब्बत का प्याला छलकता है तो जिस्म के फासले भी मिट जाते है, ऐसा ही रिश्ता है खनक पाठक और रिवाज पाठक का, क्या हो अगर ऐसे रिश्ते में कोई धोखा दे ? कैसे टूटेगा वो जिसने अपनी आत्मा तक सौंप दी हो ? खनक जो रिवाज को अपना संसार मानती है, जिसके आंखों में पलती है एक तस्वीर जिसका नाम है रिवाज पाठक जो सहेजती है दुआएं उसके लिए... क्या होगा जब टूटेगा खनक का सपना ? क्या वो खुद को संभाल पाएगी ? जानने के लिए पढ़िए तू भी सताया जायेगा मेरे यानी शालिनी चौधरी के साथ।