हाय गर्मी
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हाय गर्मी
कविता
गर्मी से है सब बेहाल… लू ने कर दिया है बुरा हाल…! धूप ने बड़ा किया हमे हलाल… मुंह से निकला हमारे बस एक ही नाम… कहां हो प्यारे अंजनी के लाल…!!
: Ashu
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