तुम भी हम से मोहब्बत में हो
हम करने गए थे उनके पास अपने दिलों जां से…
मोहब्बत ए इज़हार का हौसला साथ ले कर…
सोचा आज तो अपने दिल की बात बोल ही देंगे…
पर पता नहीं उनके सामने पहोंच कर…
सारा हौसला धरा का धरा रह गया और…
वो निकल गए किसी और का हाथ अपने हाथों में ले कर॥