कोई टूटे हुए आईने को जोड़कर तो दिख
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कोई टूटे हुए आईने को जोड़कर तो दिख
कविता
मत कर इतनी फिक्र की कोई तुझे इस्तेमाल करे...! मत रो उसके लिए जो तुझे नजरंदाज करे....! ये दिल हैं जनाब, कोई मिट्ठी का खिलौना नहीं...! एक बार टूटता हैं, तो सिर्फ बिखरता जाता हैं....!
: Komal
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