जो मैं नहीं कह पाता हूँ,
वो सब, मेरी आँखों से
तुम पढ़ना जरूर,
मेरे पास बैठ कर
मेरी ख़ामोशियों को एक बार
तुम सुनना ज़रूर,
मेरी छोटी छोटी बातों में
मेरे प्यार को तुम
महसूस करना ज़रूर,
जैसे सोचता रहता हूँ
मैं तुम्हारे बारे में
वैसे ही कुछ वक़्त निकाल कर
मेरे बारे में तुम सोचना ज़रूर ।।