धरनी की आंखों के सामने उसके माता-पिता की चिता जल रही थी 11 साल की धरनी के लिए मानो उसकी पूरी दुनियां तहस नहस हो चुकी थी इस दुःख के घड़ी में उसके पिताजी के मित्र बीर प्रताप रायचंद जो राजस्थान के हुकुम सा थे धरनी को अपने साथ राजस्थान ले गए, उन्होंने अपनी दोस्त के वादे को निभाने के लिए बच्ची धरनी की शादी अपने छोटे बेटे दानिश रायचंद से करवा दी । शादी के अगले ही दिन दानिश आगे पढ़ाई के लिए अमेरिका चला गया । जिस धरनी को शादी का मतलब तक नहीं पता क्या वह इस शादी को निभा पाएगी क्या दानिश ढाणी के पास वापस लौट कर आएगा ?