कहते है नाटक तब तक ही अच्छा लगता है जब तक असल जिंदगी में उसका कोई वजूद ना हो। ये कहानी है आहुति रॉय की जिसकी जान ही बस्ती है एक्टिंग में। आहुति जिसका कोई ख्वाब नही है एक्टर बनने का। लेकिन तब क्या हो जब एक नाटक करने के लिए किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो। आहुति जिसका रोज का काम था पैसे लेकर नाटक करने का। कभी किसी बीवी तो कभी किसी गर्लफ्रेंड का पर आहुति एक दिन the business king विघ्न वाष्र्णेय की होने वाली बीवी का नाटक करने का कॉन्ट्रैक्ट ले लेती है। लेकिन तब क्या होगा जब विघ्न business king's जिसके साथ पूरी बिजनेस इंडस्ट्री चलती है, जब उसे पता चलेगा कि उसके साथ एक नाटक किया जा रहा है ? क्या मोड़ लेगी एक नाटक से शुरुवात हुई एक कहानी की? जानने के लिए पढ़िए "Haq Hai Sirf Mera