अर्जुन दीक्षित” दिल्ली का रहने वाला 22 साल का लड़का , जो की अपने छोटे भाई के साथ अपने चाचा चाची के घर पर रहता था । अर्जुन अपनी कॉलेज की पढ़ाई के साथ साथ अपने चाचा के मोटर गेरेज मे काम करके अपने चाचा के काम मे उनका हांथ भी बटाया करता था । वैसे तो अर्जुन बहुत सीधा साधा और बहुत अच्छे स्वभाव वाला लड़का था , हर किसी से अच्छे से घुल मिलकर रहता था । लेकिन शायद उसकी कुंडली मे कोई दोष था । जब भी उसका किसी लड़की से आमना सामना होता था , उनकी उससे अक्सर लड़ाई हो जाया करती थी । ऐसी ही एक लड़की थी दुर्गा रघुवंशी , जो की एक पुलिस ऑफिसर भी थी । अनजाने मे अर्जुन की दुर्गा रघुवंशी से भी लड़ाई हो जाती है । लेकिन जब अर्जुन को पता चला की वो एक पुलिस ऑफिसर थी तो वो अपनी किस्मत को कोसने लगता है । किस्मत भी अर्जुन के साथ अजीब सा खेल खेलने मे लगी हुई थी । उसकी जिस दुर्गा रघुवंशी से लड़ाई हो गई थी , उसी दुर्गा रघुवंशी को अर्जुन से प्यार हो जाता है ।
अर्जुन की इस अतरंगी और हंगामे से भरी जिंदगी की कहानी जानने के लिये पढ़िये “ अफलातून आशिकी ”