जिए जा रहा हूं,गम मोहब्बत के पिए जा रहा हूं।
जाम तेरे इश्क़ का, इश्क़ के लबों से पिए जा रहा हूं
ना मिला तेरा प्यार जो, जिंदगी मौत के नाम किए जा रहा हूं
गया था नरक में यमदूत के पास, तेरी मोहब्बत का ईनाम लिए आ रहा हुं
बस तू ही है तकदीर मेरी, रब से तुझे अपने मुकद्दर में पाकर
आंसुओ के धागों से, अपने टूटे हुए रिश्ते को सीए जा रहा हुं।
तेरी मोहब्बत ने दिल का बुरा हाल कर दिया
तेरी चाहत ने मेरे दिल की धड़कन को बेहाल कर दिया
भटकता रहा तेरे इश्क़ की खोज में नफरत की गलियों में
चाहा बस तुझ को ही खुदा से ज्यादा
करता रहा इबादत तुझ से तुझको ही पाने की
कर तो कबूल मेरी दुआएं बस इतनी सी
तुझे अपना बनाने की
इक रोज़ बैठा था दिल की किताब खोलकर।
तेरे इश्क की गजल ने मुझे दीवाना कर दिया
पहले छोड़ा मुझे तन्हाई की गलियों में
फिर मोहब्ब्त को दुनिया से बेगाना कर दिया।।