एक लड़की जिसके सपने अपने शहर से बहुत बड़े थे। वह एक्ट्रेस बनना चाहती थी,और इसी सपने को पूरा करने के लिए वह आ जाती है सपनों की नगरी मुंबई में।
मुंबई शहर जो दिन रात भागता है, वहां मीशा का भाग पाना मुमकिन नहीं था, और मीशा के कदम
लड़खड़ाने लगते हैं। मीशा फंस जाती है, गलत आदमियों के चंगुल में, फिर उसकी जिंदगी में आता है सार्थक। जो उसे इस बुरी दलदल से बाहर निकलता है। सार्थक और मीशा को एक दूसरे से प्यार हो जाता है, लेकिन मुंबई आने से पहले मीशा की ज़िन्दगी में पहले से एक शक्श था और वह मीशा की ज़िन्दगी में वापिस आ जाता है? मीशा की अजीब कसमकस में फंस जाती है?
मीशा से दोनों ही बेइंतिहान प्यार करते है , मीशा दोनों के बीच किसे चुनेगी