सूर्यनगर में सब कुछ बिल्कुल सामान्य था… लेकिन किसी को नहीं पता था कि अगले ही पल पूरी दुनिया बदलने वाली है। बारिश बढ़ती गई, नदियाँ उफान पर आ गईं और फिर आई एक ऐसी आपदा, जिसने शहरों, रास्तों और इंसानी जिंदगी—सबको अपने साथ बहा दिया।
आस्था अपनी छोटी बेटी श्रेया के साथ अकेली रह गई। जब चारों तरफ मौत और तबाही थी, तब उसे बचाने के लिए आगे आया कैप्टन शौर्य और उसका छोटा-सा जहाज। लेकिन समुद्र में उन्हें न कोई किनारा मिला, न कोई शहर… सिर्फ अंतहीन पानी और एक ऐसा रहस्य, जिसका जवाब शायद किसी के पास नहीं था।
क्या आस्था और श्रेया इस प्रलय से बच पाएँगी?
क्या सच में दुनिया में उनके अलावा कोई और इंसान जीवित है?
और समुद्र के बीच दिखाई देने वाला वह रहस्यमयी द्वीप आखिर क्या छुपाए हुए है?
यह सिर्फ एक प्रलय की कहानी नहीं… यह उन आखिरी बचे लोगों की कहानी है, जिन्हें अब जिंदगी के लिए पूरी दुनिया से लड़ना है।