कहानी अनन्या की है, जो पढ़ाई और भविष्य की चिंता में अपनी छोटी-छोटी खुशियाँ भूल जाती है। परिवार, दोस्ती और गाँव में बिताए खूबसूरत पलों के जरिए उसे एहसास होता है कि असली खुशी बड़ी उपलब्धियों में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए छोटे-छोटे पलों में छिपी होती है।